आंतों की सूजन है एक बड़ी समस्या

आज कल के खाने और फ़ास्ट फ़ूड की वजह से लोग  अपने अंदर कितनी बीमारियां पैदा कर रहे  हैं उनको इस बात का अंदाजा भी नहीं है । ऐसे बहुत लोग हैं जिनके पेट में हल्का सा दर्द शुरु होता है और  वो दर्द धीरे धीरे आंतों की बहुत बड़ी बीमारी का रूप ले लेता है । आंतों के ऊपर सोजिश आने के बहुत सारे लक्षण हो सकते हैं जैसे पेट दर्द होना ,बार बार गैस बनना ,पाचन तंत्र ठीक ना होना ,महिलाओं में मासिक धर्म का सही समय पर ना आना। ये सूजन आपको गलत खान पान और गलत आदतों की वजह से भी आ सकती है इसलिए आपको इन सभी बातों का ध्यान रखना होगा।

shloka

व्याख्या– यह श्लोक आयुर्वेद के ग्रन्थ चरक संहिता से लिया गया है।  इसके रचियता आचार्य चरक जी हैं उन्होंने इस श्लोक में पेट की समस्याओं के बारे में बताया है। वे कहते हैं कि ग्रहणी का रोगी कभी पतला ,कभी बंधा हुआ ,कभी पानी के जैसा मल  त्याग करता है ।वह प्यास ,अरुचि ,मुख के फीकेपन ,मुख से पानी गिरते रहना और तमकश्वाश इन रोगों से पीड़ित रहता है ।उसके हाथ पैर फूल जाते हैं ।उनकी अस्थियों और जोड़ों में पीड़ा होती रहती है । उसे वमन होता है ।उसे लोहे को गरम कर आग में बुझाने पर उठने वाली गन्ध या आम जैसी गन्ध से युक्त तिक्त्त तथा अम्ल जैसी डकार भी आने लग जाती हैं |

swelling of intestines

संदर्भ – चरक संहिता ,चिकित्सास्थानम,श्लोक -५३ से  ५४ ।

आयुर्वेदिक तरीके से कैसे रखे आंतों की सोजिश का ध्यान और क्या करें आइये जानते हैं

  • लहसुन का करें प्रयोग :– लहसुन एक आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर औषधि है इसका सही मात्रा में उपयोग आपको पाचन तंत्र की हर समस्या से बचा सकता है । आंतों की सूजन में लहसुन बहुत उपयोगी माना गया है इसका उपयोग करने का तरीका भी बहुत आसान है। सुबह बिना कुछ खाए पिए नियमित रूप से लहसुन का सेवन करने से अच्छा फायदा मिलता  है । लहसुन को आप भोजन में पका के भी खा सकते हो ।
  • खाना आराम से खाएं :–ऐसे बहुत सारे लोग होते हैं जो खाना बहुत जल्दी में खाते हैं। यह आदत बहुत ही गलत है इसका असर आपकी आंतों पर हो सकता है इसलिए इस आदत को जितनी जल्दी हो सके छोड़ दें क्यूंकि  ऐसा करने से आपके शरीर के  अंदर बहुत सारे हानिकारक  बैक्टीरिया चले जाते हैं जिसकी वजह से पेट दर्द ,कब्ज जैसी समस्या उत्पन हो जाती है जो हमारी आंतों के लिए हानिकारक हो सकती है। इसलिए भोजन हमेशा आराम से खाएं ।
  • अदरक का सेवन है उपयोगी :–अदरक एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जो बहुत सारी बिमारियों में काम आती है, यह सबसे ज्यादा पाचन तंत्र के लिए उपयोगी है ।इसका नियमित सेवन आपको आंतों की सूजन में आराम दिला सकता है।इसका उपयोग करने के लिए आप अदरक के कुछ टुकड़े लेकर उसका काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। आंतों की बीमारी के लिए यह बहुत अच्छी दवा है । इसका नियमित रूप से सेवन आपको कभी भी आंतों की समस्या नहीं होने देगा ।
  • नीम एक जड़ी बूटी :– नीम का पौधा एक अच्छी जड़ी बूटी माना जाता है इसके अंदर बिमारियों से लड़ने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है ।पेट के अंदर वायरस को खत्म करने की बहुत अच्छी औषधि है नीम।इसके सेवन के लिए आप सुबह बिना कुछ खाए पिए अगर रोजाना ५ से ६ पत्तों को चबा लेते हैं तो इसका अच्छा फायदा आपके पाचन तंत्र और आंतों को मिलता है । नीम का  नियमित सेवन शरीर के हानिकारक बैक्टीरिया को पेशाब के द्वारा बाहर निकाल  देता  है ।
  • नीबू पानी का सेवन है उपयोगी :–बहुत ज्यादा मोटापा होने का एक कारण कम पानी पीना भी है और लोगों को यही भरम हमेशा रहता है कि अगर हम ज्यादा पानी पी लेगें तो हमारा शरीर भी मोटा हो जाएगा । पानी कम पीने से शरीर के अंदर का पानी कम हो जाता है और शरीर फूलने लग जाता है । अगर आप पानी में नीबू मिलाकर पियेंगें तो यह उपयोग आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होगा और पाचन क्रिया के साफ रहने से आंतों में भी कोई समस्या नहीं आती है।
  • लौंग एक अच्छी औषधि :– लौंग एक बहुत ही लाभदायक आयुर्वेदिक औषधि है जो अपने लाभकारी गुणों से भरपूर होने के कारण बहुत सारी समस्याओं में हमारी रक्षा कर सकती है ।ये अपने तीखे और गरम स्वभाव से पेट के बहुत सारे बैक्टीरिया को नष्ट कर सकती है ।इसका नियमित सेवन पाचन क्रिया को सुचारु रखता है और आंतों में किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं आने देता । अगर पाचन की क्रिया खराब होने से आंतों में सोजिश आ जाती है तो उसके लिए आपको नियमित रूप से ३ से ४ लौंग सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लेने से बहुत जल्दी आराम मिलता है ।
  • नमक और नमक से बनी वस्तु का उपयोग कम करें:– नमक का उपयोग जितना कम हो उतना ही स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहता है ।नमक की ज्यादा मात्रा पेट में संक्रमण पैदा कर सकती है ।
  • हरी सब्जियां और ताजे फल का करें सेवन :– हरी सब्जियां और ताजे फल हमारे स्वास्थ्य के लिए कितने उपयोगी हैं ये सब बताने की जरूरत नही है । ताजे फल और सब्जियों में सभी प्रकार के विटामिन और पोषक तत्व पाए जाते हैं जिनकी हमारे शरीर को बहुत ज्यादा जरूरत होती है और ये सभी पोषक तत्व बहुत सारी बिमारियों से हमारी रक्षा करते हैं । इसलिए अपने शरीर और आंतों को स्वस्थ रखने के लिए ताजा भोजन ,हरी सब्जियां ,फल और सलाद का उपयोग करें ।

इन सब बातों से रहें सावधान

  • आंतों में सोजिश का सबसे बड़ा कारण है जंक फूड का अत्यधिक मात्रा में सेवन करना जिसकी वजह से हमारी पाचन क्रिया खराब हो जाती है और पेट में बीमारियां फैल जाती हैं । इसके लिए आपको तला हुआ खाना ,जंक फूड और रात के बने खाने से अपने आप को दूर रखना होगा । ये खाना आपके स्वास्थ्य को खराब कर सकता है ।
  • अगर आपको पेट में सोजिश लग रही है तो उसके लिए आपको कोल्ड ड्रिंक या किसी भी प्रकार के पेय पदार्थ का सेवन बंद करना होगा, जिसके अंदर कार्बोनेट की मात्रा है ।
  • चीनी का प्रयोग कम करें :– चीनी की मात्रा जितनी हो सके खाने में कम रखें यह आपकी आंतों में सोजिश को बढ़ावा देती है अगर हो सके तो चीनी की जगह पर मिश्री दाना या फिर गुड़ का इस्तेमाल करना आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है।ज्यादा चीनी शरीर में रक्त के संचार को बढ़ा देती है और शुगर की मात्रा बढ़ने से आंतों में बैक्टीरिया फैल जाता है इसलिए चीनी का सेवन कम करें ।
  • धूम्रपान और नशीले पदार्थों से दूर रहें ।ये आपके शरीर के लिए बहुत हानिकारक है इनका सेवन सीधा सीधा गुर्दों और आंतों के लिए बहुत नुकसान दायक है ।
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Dr. Vikram Chauhan

Dr. Vikram Chauhan (MD-Ayurveda) is an expert ayurvedic doctor based in Chandigarh, India and doing his practice in Mohali, India. He is spreading the knowledge of Ayurveda - Ancient healing treatment, not only in India but also abroad. He is the CEO and Founder of Planet Ayurveda Products, Planet Ayurveda Clinic and Krishna Herbal Company.

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