Haritaki (Harad) is a Medicinal Plant (हरीतकी (हरड़ ) एक औषधीय पौधा)

यह पौधा भारत देश में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है ।आयुर्वेद में इस पौधे का प्रयोग प्राचीन काल से जड़ी बूटियां बनाने के लिए होता रहा है । हरड़ अनेक औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण आपके शरीर की अनेक बीमारियों  को दूर करने में लाभकारी होता है । हरीतकी का वृक्ष २५ से ३० मीटर तक ऊँचा हो सकता है इसके पत्तों की लम्बाई ६ से २५ सेंटीमीटर तक होती है इसके फलों का रंग पीला होता है जो सूखने के बाद काला हो जाता है ।हरीतकी के पौधे से फल मार्च और अप्रैल में प्राप्त किये जा सकते हैं। आयुर्वेद के ग्रंथों में हरड़ को सभी औषधियों की जननी कहा गया है।

हरीतकी को त्रिफला औषधियों में सबसे उपयोग माना गया है इस पौधे से प्राप्त छाल,जड़ ,फूल और फलों का उपयोग आयुर्वेदिक औषधियाँ बनाने के लिए हजारों सालों से होता आ रहा है ।हरड़ का नियमित सेवन आपकी त्वचा को प्राकृतिक सौंदर्य प्रदान करने में सहायक साबित होता है ।इस लेख में हम हरड़ के औषधीय गुणों के बारे में पढ़ेंगे।

ancient reference

व्याख्या – इस श्लोक में कहा गया है कि हरीतकी प्यास ,त्वचा की सूजन,जबड़े के अकड़ जाने ,गला रोगों को दूर करने ,तेज बुखार को दूर करने ,कुपोषण को दूर करने और गर्भावस्था के लिए लाभकारी मानी गयी है ।

संदर्भ- धन्वंतरि निघण्टु ,श्लोक -२०७ ।

Haritaki

1. पेट के लिए फायदेमंद

अगर आप चाहते हैं कि आपका शरीर स्वस्थ और मजबूत बना रहे तो इसके लिए आपके पेट का बीमारियों से मुक्त रहना बहुत जरूरी है क्योंकि  अगर आपका पेट ठीक नहीं होगा तो आप स्वस्थ नहीं रह सकते हैं । पेट को से सुरक्षित रखने के लिए हरड़ का सेवन करना लाभकारी साबित हो सकता है इस लाभकारी औषधि का नियमित सेवन गैस ,कब्ज ,बवासीर ,अल्सर आदि पेट की हानिकारक बीमारियॉं को दूर करने में सहायक साबित होता है ।

2. मधुमेह को रखे दूर

एक शोध के अनुसार हरड़ शुगर के मरीजों के लिए बहुत ही लाभकारी औषधि मानी गयी है क्योंकि यह आपके शरीर में रक्त गलूकोज की मात्रा को कम करने में सहायक साबित होता है । इसलिए अगर आप मधुमेह की जानलेवा बीमारी से ग्रसित हैं तो रोजाना हरड़ का चूर्ण तैयार करके सुबह खाली पेट सेवन करना शरीर के अंदर रक्त गलूकोज को संतुलित रखने में असरदार होता है।

3. सूजन को कम करने में सहायक

अगर आपके शरीर में कफ दोष असंतुलित है तो आप त्वचा की सूजन से ग्रसित हो सकते हैं इस समस्या को दूर करने के लिए १ गिलास देसी गाय के गौ मूत्र में एक चम्मच हरड़ का चूर्ण मिलाकर उसको सुबह खाली पेट सेवन करने से आपकी त्वचा की सूजन जल्दी खत्म हो जाती है यह प्रयोग त्वचा को स्वस्थ रखने के साथ साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में लाभकारी साबित होता है ।

4. पाचन तंत्र को रखे मज़बूत

अगर आप कब्ज की समस्या से परेशान हैं या फिर आप शरीर को बीमारियों से मुक्त रखना चाहते हैं तो रोजाना हरड़ के चूर्ण का सेवन गुनगुने पानी के साथ सुबह खाली पेट सेवन करने से  आपका पाचन तंत्र संतुलित बना रहता है। आयुर्वेद में हरड़ को आंतों को स्वस्थ रखने की रामबाण औषधि माना गया है ।अगर आप इस प्रयोग का नियमित सेवन करते हैं तो आपको कब्ज की समस्या कभी नहीं होगी ।हरड़ का सेवन आपके शरीर में पेट दर्द ,कब्ज ,गैस ,अल्सर ,बवासीर ,भगंदर जैसी हानिकारक बीमारियों को रोकने में सहायक साबित होता हैं ।

5. त्रिदोष को रखे संतुलित

आयुर्वेद में हरीतकी को त्रिदोष नाशक कहा गया है इसकी तासीर गरम और स्वाद कसैला,खट्टा और तीखा होने के कारण शरीर में वात पित्त और कफ दोष को संतुलित रखने वाला होता है ।

6. बवासीर को दूर करे

आयुर्वेद के ग्रंथों के अनुसार आपके शरीर के अंदर सबसे ज्यादा बीमारियां आपकी पाचन क्रिया के खराब होने की वजह से आती हैं जैसे कि हृदय रोग  , अपच,बार बार सिर दर्द होना ,तनाव ,थकान और हमेशा चिड़चिड़ा रहना  ,बवासीर ,लीवर में सूजन, खूनी बवासीर की बीमारी आदि ।अगर आप अपने शरीर को बवासीर जैसी बीमारी  से सुरक्षित रखना चाहते हैं तो आपको रोजाना हरड़ के चूर्ण का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है यह प्रयोग आपकी बवासीर की समस्या को जल्दी दूर करने के साथ साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक साबित होता है ।

7. त्वचा रोगों में असरदार

आयुर्वेद में हरीतकी को त्वचा रोग की सबसे उपयोगी औषधि माना गया है अगर आप सुबह खाली पेट हरीतकी  की छाल का काढ़ा नियमित रूप से सेवन करते हैं तो यह प्रयोग त्वचा की खुजली ,दाद ,सोरायसिस जैसी समस्याओं को दूर करने में लाभकारी होता है इसके अलावा अगर आप हरीतकी के फलों का काढ़ा तैयार करके उसका उपयोग करते हैं तो यह भी त्वचा रोग में असरदार औषधि साबित होती है ।

8. मसूड़ों को रखे स्वस्थ

अगर आप अपने मसूड़े लम्बे समय के लिए मजबूत और स्वस्थ रखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको हरड़  का इस्तेमाल करना फायदेमंद है ।इसका प्रयोग करने का तरीका भी बहुत आसान है इसके लिए हरीतकी की छाल से रस निकालकर उसको देसी गाय के दूध से बनी लस्सी के साथ मिश्रण करके सुबह कुल्ला करने से आपके मसूड़े स्वस्थ और मजबूत बने रहते हैं।

9. बालों के लिए लाभदायक

छोटी सी उम्र में ही बालों का समय से पहले  झड़ना एक बहुत बड़ी परेशानी बन गयी  है और आज यह समस्या सामान्य सी हो गयी है जिसकी वजह लोगों का गलत खान पान और खराब दिनचर्या का होना है ।बालों को समय से पहले झड़ने से बचाने के लिए और उनको मजबूत और काला करने के लिए रोजाना हरड़ का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए हरड़ के १ चम्मच चूर्ण को सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से आपके बाल मजबूत और स्वस्थ बने रहते हैं इस प्रयोग का नियमित इस्तेमाल आपके बालों को समय से पहले झड़ने से बचाने में सहायक होता है ।

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Dr. Vikram Chauhan

Dr. Vikram Chauhan (MD-Ayurveda) is an expert ayurvedic doctor based in Chandigarh, India and doing his practice in Mohali, India. He is spreading the knowledge of Ayurveda - Ancient healing treatment, not only in India but also abroad. He is the CEO and Founder of Planet Ayurveda Products, Planet Ayurveda Clinic and Krishna Herbal Company.

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