Ayurvedic Treatment of Migraine(माइग्रेन)

माइग्रेन एक गंभीर बीमारी है जिसका समय रहते उपचार होना जरूरी है। माइग्रेन में रोगी को बेचैन कर देने वाला दर्द होता है। माइग्रेन को कई नामों से जाना जाता है। इसे आधे सिर का दर्द, सुदाअ निस्फी, शकीका, अधकपारी  आदि भी कहा जाता है। कई बार दवाइयों से भी माइग्रेन का दर्द कम नहीं होता है। यह दर्द सुबह से ही शुरू हो जाता है। और दिन में यह दर्द काफी तेज हो जाता है। पुरषों की अपेक्षा महिलाओं को अधिकतर होता है

Migraine

कारण

माइग्रेन किस वजह से होता है यह भी जानना जरूरी है। माइग्रेन की मुख्य वजह है, चिंता करना, देर रात तक काम करना, मानसिक दुर्बलता, जुकाम, नजला, कब्ज, मलेरिया का प्रभाव आदि। महिलाओं में माइग्रेन के मुख्य कारण है- हिस्टीरिया, अधिक शारीरिक या मानसिक कार्य करना, सदमा लगना, बेवजह पेरशान रहना आदि। महिलाएं पुरूषों की तुलना में माइग्रेन से अधिक पीड़ित रहती हैं।

माइग्रेन के रोगी के लक्षण

  • इस रोग में सिर दर्द का अधिक होना,
  • सिर के दायें या बायें भाग में दर्द होना,
  • दर्द की वजह से उल्टी आना,
  • सिर में दर्द के साथ शरीर में सुन्नता भी आ सकती है।
  • आधे सिर में दर्द बने रहना आदि लक्षण होते हैं।
  • यह दर्द सिर से शुरू होकर आंख और जबड़े तक फैल जाता है। और रेागी को अत्याधिक दर्द होता है
  • दिन के समय में सिर दर्द अधिक होता है
  • इसका दर्द घंटो से लेकर कई दिनों तक रह सकता है
  • भूख में कमी आने लगती है
  • तनाव एवं चिड़चिड़ापन अधिक होता है
  • आँखों में दर्द के समय पानी भर आता है
  • गर्दन में दर्द के साथ साथ जम्भाई(yawning ) का अधिक आना
  • प्यास एवं मूत्रता का बढ़ जाना
  • दिखाई कम पड़ना

चिकित्सा

अगर देखा जाये तो यह एक तरह से वात एवं पित्त दोष की वजह से होने वाली बीमारी है इसलिए इन्ही दोषो के अनुरूप चिकित्सा की जानी चाहिए. Planet Ayurveda में इसके लिए कुछ विशेष दवायें मौजूद है जैसे

migarine

1. Ashwagandha Capsules

यह एक तरह से नर्व टॉनिक है  जो की हमारी गर्दन की पीछे की नसों को बल प्रदान करता है इस लिए इसे माइग्रेन में देते है

सेवन करने की विधि : २ कैप्सूल पानी के साथ खाना खाने के बाद दिन में दो बार लें

2. Medhya Churna 

सिर में दर्द के वक़्त बहुत सारे केमिकल स्त्राव होते है जिस वजह से दिमाग कमजोर होने लगता है जिस वजह से हमें कुछ मेध्य द्रव्यों का सेवन करना पड़ता है जो दिमाग की कार्यक्षमता को बनाये रखते है इस चूर्ण  में वचा , अशवगंधा , अजमोदा , श्वेत जीरक , शुंठी आदि औषध द्रव्यों को डाला गया है यह चूर्ण याद्दाशत को बढ़ाने का कार्य करता है और दिमाग को शांत रखता है

सेवन करने की विधि: ३ से ५ ग्राम चूर्ण पानी के साथ खाना खाने के बाद दिन में दो बार लें.

3. Arogyavardhani Vati

इस में मुख्य द्रव्य कुटकी  है जो की विरेचन का कार्य करती है इसके इलावा इसमें त्रिफला, चित्रकमूल आदि द्रव्य डाले हुए है यह पेट में से आम (Toxins ) को बाहर निकालने का कार्य करते है जिससे कि शरीर की स्ट्रेंथ को बढ़ाने  में सहायता मिलती है  एवं पाचन प्रणाली सुधरती है

सेवन करने की विधि : २ गोलियाँ  पानी के साथ खाना खाने के बाद दिन में दो बार लें

4. Pitta Balance

जैसे की बताया भी गया है की इस रोग में पित्त दोष भी कारण होता है इसलिए पित्त शामक द्रव्यों का सेवन कारण चाहिए जैसे की इस कैप्सूल में प्रवाल पिष्टी , अकीक पिष्टी, जहर  मोहरा पिष्टी , कामदुधा रस , मुक्ता पिष्टी , गिलोय सत्व है

सेवन करने की विधि : २ कैप्सूल पानी के साथ खाना खाने के बाद दिन में दो बार लें

5. Brahmi Capsules 

इस कैप्सूल में ब्राह्मी के सत्व को डाला गया है यह तीनो दोषो को काम करने में सहायता करता  है एवं इसके साथ साथ नसों को ताकत और दिमाग को तेज करता है

सेवन करने की विधि : २ कैप्सूल पानी के साथ खाना खाने के बाद दिन में दो बार लें

इस तरह से इन औषधियों को डॉ की देख रेख में ग्रहण कर सकते है इसके इलावा यह ध्यान रखे की जरुरी नहीं है की सभी सिर दर्द को हम माइग्रेन मान ले  कई बार सिर में दर्द बीमारी विशेष की वजह से भी हो सकता है इसलिए पूरी तरह से जान जाने के बाद ही बीमारी के अनुकूल औषधि का सेवन करे ,व्यायाम  के साथ साथ योग को भी अपनाये  ऐसे आहार का सेवन न करे जिस से की रोग बढ़ जाता हो , 8 घंटे की नींद लेना जरुरी माना गया है इस लिए कोशिश करे की अच्छे से नींद ले सके और मानसिक परेशानियों से दूरी  बनाये रखे , व्यर्थ में ही चिंता अधिक न करे अधिक सोच विचार करने की वजह से दिमाग में रुक्षता पैदा हो जाती है उस से बचने के लिए नासा रंध्र में गाये के घी या बादाम के तेल का प्रयोग करे

योगसासन – सूर्यनमस्कार, प्राणायाम, शीर्षासन, मंडूकासन आदि

घरेलु उपचार

  1. पानी में हींग को अच्छी तरह से घोल लें फिर इसे सूंघे और इसका लेप माथे पर लगाएं। दर्द से निजात मिलेगा।
  2. लहसुन को पीस कर उसका लेप दर्द वाली जगह पर लगाने से दर्द से निजात मिलता है साथ ही आप लहसुन के रस की दो छोटी बूंदे नाक के छिद्र में डालें।
  3. नींबू के छिलके पीस कर पेस्ट बना ले और इसे माथे पर लगाए। इस उपाय से भी आधा सीसी सिर दर्द की समस्या से जल्दी निजात मिलती है।
  4. बंदगोभी की पत्तियां पीसकर उसका पेस्ट माथे पर लगाने से भी आराम मिलता है।
  5. माइग्रेन की बीमारी में पानी ज़्यादा पीयें ।
  6. जब भी माइग्रेन हो आप किसी खाली रूम में बेड पर लेट जाए और सोने का प्रयास करे।

अपथ्य

  1. मिर्च और अचार माइग्रेन के दर्द को तेजी से बढ़ा सकता है!
  2. पनीर का सेवन माइग्रेन के दर्द को बढ़ाता है।
  3. किसी भी तरह के खट्टे फलों का सेवन करना भी माइग्रेन के दर्द को बढ़ा सकता है।
  4. बर्गर व पिज्जा का सेवनजंक फूड खाना माइग्रेन के रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है।
  5. आलूबुखारा भी माइग्रेन के दर्द को बढ़ा सकता है।
  6. शराब व मदीरा पीना बंद कर दें। माइग्रेन को बहुत तेजी से बढ़ाती है शराब।

 

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Dr. Vikram Chauhan

Dr. Vikram Chauhan (MD-Ayurveda) is an expert ayurvedic doctor based in Chandigarh, India and doing his practice in Mohali, India. He is spreading the knowledge of Ayurveda - Ancient healing treatment, not only in India but also abroad. He is the CEO and Founder of Planet Ayurveda Products, Planet Ayurveda Clinic and Krishna Herbal Company.

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